युँ भी अपने दिलको खुश कर लेते हैं हम
बातें उनकी तस्वीर से ही कर लेते हैं हम
एक ना एक दिन वो आयेंगे मिलने हमसे
इसी उम्मीद पे इंतजार कर लेते हैं हम
हर वादा टुटा मेरे दिल की तरह फिर भी
हर वादे पे उनके यकीं कर लेते हैं हम
पता हैं हमें हासिल कुछ नहीं होगा लेकिन
कभी युँ ही खुदा से फर्याद कर लेते हैं हम
हर दर्द की दवा की जाये ये जरुरी तो नहीं
दर्द ही को जिंदगी की दवा कर लेते हैं हम
कई बातें हैं जिन्हें कहने नहीं पाती ये जुबाँ
उन बातों को अश्कों से बयाँ कर लेते हैं हम
अपनी जिंदगी में फुल कहा से आयेंगे भला
इसीलिये काँटोंसे ही दोस्ती कर लेते हैं हम
अब वो चाहे मिटा दे हमें या फिरसे बना दें
उन्हीं को इस दिल का खुदा कर लेते हैं हम
फिर जनम लेके हम फिर उन्हें चाहें ’अर्श’
मरने से पहले ये दुवा कर लेते हैं हम
-योगेश 'अर्श'
pataa hai hme haasil kuchh nahi hoga lekin
जवाब देंहटाएंkabhi yu hi khudaa se fariyaad kr lete haiN hm
ye bahut hi gehraa khyaal hai jise
aapne shabdoN meiN dhaal kr sher kehne
ki kaamyaab koshish ki hai
baaqi sher bhi pasand aaye. . .
---MUFLIS---
बहुत खूब! नज़्म या गज़ल, जो भी है, बेहद पसंद आई.
जवाब देंहटाएं